जहानाबाद, 4 सितंबर 2025 — शिक्षक दिवस से ठीक एक दिन पहले, बिहार के जहानाबाद जिले में एक महिला शिक्षिका के साथ सड़क पर खुलेआम दुर्व्यवहार की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। यह घटना उस समय हुई जब एनडीए द्वारा आहूत बिहार बंद के दौरान शिक्षिका विद्यालय जा रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अरवल मोड़ के पास बंद समर्थकों ने शिक्षिका को रोका और कथित रूप से प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की की। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और शिक्षिका को सुरक्षित स्थान पर ले गई।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें शिक्षिका को अपमानित होते देखा जा सकता है। भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं और शिक्षिका के बीच हुई झड़प ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षक संगठनों और नागरिक समाज ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह न केवल एक महिला का अपमान है, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय और नारी गरिमा पर सीधा हमला है। कई शिक्षकों ने सवाल उठाया है कि यदि सरकार को बंद की जानकारी थी, तो विद्यालयों में अवकाश की घोषणा क्यों नहीं की गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसी घटनाएं बहुमत सरकार के दौरान होती हैं, तो यह प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। शिक्षकों को डराने या अपमानित करने की कोई भी कोशिश लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

